Friday, October 9, 2026

मुजफ्फरपुर में त्योहारों की भीड़ के बीच ताबड़तोड़ चेकिंग, बिना टिकट यात्रियों में मचा हड़कंप, तीन सौ बारह धरे गए!

मुजफ्फरपुर: आगामी दीपावली और छठ महापर्व को लेकर मुजफ्फरपुर रेल जिला पुलिस और रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा का चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देश पर मुजफ्फरपुर रेल जिला के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इन दिनों ऐसा ताबड़तोड़ और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है कि अवैध रूप से सफर करने वालों की नींद उड़ गई है। श्वान दस्ता (डॉग स्क्वॉड), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और टिकट परीक्षकों के संयुक्त समन्वय से चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कुल 31 ट्रेनों की औचक और गहन जांच की गई।

हाजीपुर  रेलवे जंक्‍शन  के प्लेटफॉर्म पर सुरक्षाबलों के साथ औचक निरीक्षण और सघन चेकिंग अभियान का जायजा लेते रेल पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी।

दो लाख के करीब जुर्माना और भारी जब्ती

चलाए गए इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान बिना टिकट यात्रा कर रहे कुल 312 यात्रियों को धर दबोचा गया। रेल प्रशासन ने इनसे सख्ती से निपटते हुए 1,93,800 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला। इसके अलावा, स्टेशन परिसर के नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने वाले वाहन चालकों से 2,000 रुपये का चालान भी काटा गया। त्योहारों के इस सीजन में यात्रियों की सुरक्षा, पुख्ता जागरूकता और किसी भी प्रकार के अपराध पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

चार प्रमुख बिंदुओं पर टिके हैं सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रेल पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस विशेष अभियान के कई सनसनीखेज और महत्वपूर्ण खुलासे किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्देशानुसार दिनांक 8 से 10 तारीख तक यह विशेष महाअभियान लगातार चलाया जा रहा है। रेल पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल प्रशासन की संयुक्त टीम निम्नलिखित चार प्रमुख बिंदुओं पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है:

  • ट्रेनों का औचक निरीक्षण: बिहार से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की सघन और औचक निरीक्षण जांच लगातार की जा रही है।
  • बिना टिकट यात्रियों पर शिकंजा: रेल प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल मिलकर बिना टिकट यात्रा करने वालों की धरपकड़ कर रहे हैं, ताकि कोई भी अवैध या असामाजिक तत्व ट्रेन में घुसपैठ न कर सके।
  • नारकोटिक्स और शराब तस्करी पर प्रहार: ट्रेनों और स्टेशनों पर अवैध शराब, गांजा, और नारकोटिक्स पदार्थों की धड़ल्ले से जांच की जा रही है।
  • प्लेटफॉर्म पर अनाधिकृत जमावड़ा बंद: प्लेटफॉर्म पर बिना वैध टिकट या बिना किसी ठोस कारण के घूमने वाले बेकार व्यक्तियों की कड़ी जांच की जा रही है।

सीमावर्ती थानों तक बिछाया गया है सुरक्षा का जाल

रेल पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि दिनांक 8 को चलाए गए अभियान में लगभग 31 गाड़ियों की सघन जांच की गई, जिसमें बिना टिकट यात्रा करने वालों से लगभग दो लाख रुपये वसूले गए और 312 व्यक्तियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई। इसके साथ ही, कई थानों की पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब भी जब्त की है और 3-4 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों से आने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेल पुलिस ने एक अनूठी पहल की है। सीमावर्ती (बॉर्डरिंग) थानों में विशेष टीमों को भेजा जा रहा है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रियों को जागरूक करेंगी। यह टीमें यात्रियों को पॉकेटमारों, चोरों और शातिर नशाखोरों से सावधान रहने के प्रति सतर्क करेंगी। इसके अलावा, यदि ट्रेन में सफर के दौरान कोई भी ज्वलनशील पदार्थ या खतरनाक वस्तु पाई जाती है, तो रेल प्रशासन द्वारा पूरी कठोरता के साथ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना टिकट यात्रा करने से बचें और बिना किसी कारण के प्लेटफॉर्म पर भीड़ न लगाएं। त्योहारों के इस पावन अवसर पर वैध तरीके से ही ट्रेन में यात्रा करें, ताकि आपको किसी भी असुविधा या परेशानी का सामना न करना पड़े।

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जीएसटी पर नया अपडेट : अब कारोबारियों को जेल भेजने वाले प्रावधान खत्म, जुर्माने में भारी कटौती और रिफंड हुआ सुपरफास्ट!

नई दिल्ली: देश के करोड़ों व्यापारियों और कारोबारियों के लिए राहत भरी बहुत बड़ी खबर सामने आई है। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में ऐसे कई ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसले लिए गए हैं, जो टैक्स सिस्टम का चेहरा बदल देंगे। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जीएसटी के कठोर नियमों को टाटा-बायबाय कह दिया गया है। सरकार के इस कदम से व्यापार जगत में जश्न का माहौल है, क्योंकि अब टैक्स चुकाने वालों पर से शिकंजा ढीला कर दिया गया है और अनुपालन को बेहद आसान बना दिया गया है।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के दौरान मीडिया को संबोधित करती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके साथ मौजूद राजस्व सचिव तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

गिरफ्तारी के प्रावधान खत्म, अभियोग सीमा पांच गुना बढ़ी

जीएसटी परिषद ने सबसे बड़ा और सनसनीखेज फैसला लेते हुए कर चोरी के मामलों में जीएसटी के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को पूरी तरह से हटाने की जोरदार सिफारिश की है। इसके साथ ही अभियोग (प्रॉसीक्यूशन) की मौद्रिक सीमा को ₹1 करोड़ से सीधे बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है। यानी अब छोटे मामलों में कारोबारियों को जेल के डर से राहत मिलेगी और वे खुलकर व्यापार कर सकेंगे।

जुर्माने में भारी कटौती और सामान्य नियम हुए नरम

व्यापारियों की जेब पर भारी पड़ने वाले सामान्य जुर्माने को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है। जीएसटी परिषद ने सामान्य जुर्माने को ₹25,000 से भारी मात्रा में घटाकर सिर्फ ₹10,000 करने की सिफारिश की है। इतना ही नहीं, रिटर्न दाखिल करने में देरी और अन्य प्रक्रियाओं पर लगने वाले जुर्माने व नोटिस की सीमाओं को भी काफी तर्कसंगत बना दिया गया है, जिससे बेवजह की कानूनी लड़ाइयों और मुकदमों से छुटकारा मिलेगा।

रिफंड प्रक्रिया हुई सुपरफास्ट, कार्यशील पूंजी में होगा सुधार

कारोबारियों की लंबे समय से अटकी वर्किंग कैपिटल यानी कार्यशील पूंजी की समस्या को दूर करने के लिए परिषद ने जल्दी रिफंड की पुख्ता व्यवस्था की है। अब इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर और अन्य रिफंड दावों की प्रक्रिया को पूरी तरह से सिस्टम-आधारित और स्वचालित (ऑटोमैटिक) बना दिया गया है, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के त्वरित भुगतान संभव हो सकेगा। इसके अलावा, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और रिफंड के लिए पात्रता का दायरा भी व्यापक रूप से बढ़ा दिया गया है।

पंजीकरण और अनुपालन हुए मक्खन जैसे आसान

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और अनुपालन की जटिल प्रक्रियाओं को पानी की तरह साफ और सरल कर दिया गया है। अब बिना किसी अधिकारी के अनावश्यक हस्तक्षेप के पोर्टल के माध्यम से ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन और संशोधन की सुविधा मिलेगी। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर माल बेचने वाले छोटे विक्रेताओं और दूसरे राज्यों में व्यापार करने वालों के लिए भी नियमों को बेहद आसान कर दिया गया है।

जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में लिए गए अधिकांश प्रक्रिया सुधार और रिटर्न संशोधन से संबंधित नए प्रावधानों को अप्रैल 2027 के रिटर्न से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की सिफारिश की गई है, जबकि कुछ अन्य विशिष्ट सुधारों और कर दरों से जुड़े बदलावों को संबंधित सर्कुलर, अधिसूचनाओं और कानूनी संशोधनों के औपचारिक रूप से जारी होने के बाद प्रभावी किया जाएगा।

जीएसटी परिषद की इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मेघालय के मुख्यमंत्री, मणिपुर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री, तथा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री एवं वरिष्ठ विधानसभा सदस्य उपस्थित रहे। इनके अलावा राजस्व विभाग के सचिव, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।

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बिहार में अपराधियों की खैर नहीं: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, अपराधियों पर CCA लगाने और ज़ीरो टॉलरेंस के दिए सख्त निर्देश!

पटना: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराधियों पर नकेल कसने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान गृह विभाग के प्रधान सचिव और पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि राज्य में अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

अपराधियों की बनेगी जिलावार सूची, लगेगा सीसीए (CCA)

बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और समाज में अशांति फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिलों और थानों स्तर पर अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी पहचान करने को कहा गया है। आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के प्रावधानों का कड़ाई से उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, मामलों में त्वरित अनुसंधान और मजबूत अभियोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके।

डायल-112 और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर

आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को तुरंत सहायता पहुंचाने के लिए शुरू की गई डायल-112 सेवा की भी समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि बिहार में डायल-112 का औसत रिस्पांस टाइम लगभग 11 मिनट या उससे कम है, जो राष्ट्रीय औसत (17 मिनट) से काफी बेहतर है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष जताते हुए प्रतिक्रिया समय में और सुधार करने तथा तकनीक के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं को और मजबूत करने का निर्देश दिया।

सोशल मीडिया और साइबर अपराध पर रहेगी पैनी नजर

डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए सभी जिलों में सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और साइबर क्राइम सेंटर के जरिए कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। साइबर फ्रॉड से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा गया कि संवेदनशील मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दो घंटे के भीतर अपनी प्रतिक्रिया दें।

नशीले पदार्थों और आर्थिक अपराधियों पर कड़ा प्रहार

नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए नारकोटिक्स और अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ ठोस कार्रवाई करने को कहा गया है। इसके साथ ही, अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ कमाने वाले आर्थिक अपराधियों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

कदाचार मुक्त परीक्षाएं और महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी तरह स्वच्छ और कदाचार मुक्त होनी चाहिए। इसमें गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर अशांति फैलाने वालों, अश्लील एवं द्विअर्थी गाने बजाकर माहौल खराब करने वालों पर भी नजर रखने को कहा गया है। महिला पुलिसकर्मियों के लिए कार्यस्थल पर बेहतर माहौल और जरूरी सुविधाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस उच्चस्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा कुंदन कृष्णन, पुलिस महानिदेशक निगरानी जी.एस. गंगवार, पुलिस महानिदेशक मद्य निषेध एन.के. आजाद सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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पशुपालन कार्यालय का लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार: जीपीएफ भुगतान के एवज में मांग रहा था घूस, निगरानी ब्यूरो ने लिपिक को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते दबोचा

पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में निगरानी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दानापुर स्थित अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक विजय कुमार को बीस हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की गिरफ्त में रिश्वतखोर लिपिक विजय कुमार, जिन्हें टीम ने रंगे हाथों दबोचा।

जीपीएफ भुगतान के नाम पर हो रही थी उगाही

निगरानी ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार, परिवादी राजेंद्र प्रसाद (पिता स्व. विपत महतो, साकिन निसरपुरा, पोस्ट अमरपुरा, थाना नौबतपुर, जिला पटना) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी लिपिक विजय कुमार द्वारा उनके जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) का छह लाख रुपये भुगतान किए जाने के एवज में भारी-भरकम रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायत का सत्यापन और धड़पकड़

ब्यूरो द्वारा प्राप्त शिकायत का जब गोपनीय सत्यापन कराया गया, तो आरोपी लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया। इसके बाद तुरंत निगरानी थाना कांड संख्या-118/26  दिनांक  07 अक्टूबर 2026  दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता पुलिस निरीक्षक जहाँगीर अंसारी तथा पुलिस उपाधीक्षक आसिफ इकबाल मेहंदी के नेतृत्व में एक विशेष छापा दल का गठन किया गया।

एम्स गोलंबर के पास दबोचा

गठित छापा दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए  प्राथमिक अभियुक्त विजय कुमार को पटना स्थित एम्स गोलंबर के पास बुलु पान दुकान के पास से बीस हजार रुपये नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिसके पश्चात उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

साल दो हजार छब्बीस में अब तक एक सौ आठ ट्रैप दर्ज

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष दो हजार छब्बीस में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह एक सौ अठारहवीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गई है तथा एक कांड जिला से स्थानांतरित किया गया है, जिससे कुल एक सौ उन्नीस कांड ब्यूरो द्वारा अनुसंधानित हैं। इनमें यह ट्रैप संबंधी एक सौ आठवां कांड है, जिसके तहत अब तक कुल एक सौ आठ अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, अब तक रिश्वत की कुल बरामद राशि अडतीस लाख आठ हजार आठ सौ रुपये और एक नई वाशिंग मशीन बरामद की जा चुकी है।

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मनियारी में पुलिस की ताबड़तोड़ रेड, 1730 लीटर अवैध विदेशी शराब के साथ पिकअप वाहन जप्त!

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर अवैध कारोबारियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी क्रम में मनियारी थाना क्षेत्र के सिलौत गांव में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर और पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब बरामद की है। पुलिस की इस अचानक हुई छापेमारी से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

मनियारी थाना क्षेत्र के सिलौत गांव में छापेमारी के दौरान जब्त की गई अवैध विदेशी शराब की पेटियां और पुलिस बल।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पश्चिमी 02, अनिमेश चंद्र ज्ञानी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरपुर के निर्देशानुसार जिले भर में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और क्रय-विक्रय के विरुद्ध लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनियारी थाना क्षेत्र के सिलौत गांव में अवैध विदेशी शराब का बड़ा स्टॉक खपाया जा रहा है।

घर पर उतारी जा रही थी शराब, पिकअप जप्त

सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए मनियारी थाना पुलिस टीम ने तत्काल सिलौत गांव में चिन्हित ठिकाने पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से एक पिकअप वाहन बरामद किया तथा एक घर के अंदर पिकअप से शराब उतारते हुए रंगेहाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 1730.16 लीटर अवैध विदेशी शराब और परिवहन में प्रयुक्त 01 पिकअप वाहन को जप्त कर लिया है।

कांड दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी

इस अवैध धंधे के खुलासे के बाद मनियारी थाना में कांड संख्या 304/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस इस मामले में संलिप्त अभियुक्तों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध कारोबार में लिफ़्ट किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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बरियारपुर और सकरा में चोरों की शामत: गृहभेदन व स्कूल चोरी कांड का सफल उद्भेदन, खरीददार समेत 6 शातिर गिरफ्तार

 दिन में सूने मकानों की रेकी और रात में स्कूलों को बनाते थे निशाना, पुलिस ने धर दबोचा पूरा गैंग।

मुजफ्फरपुर: जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में इन दिनों चोरों और अपराधियों का आतंक चरम पर था, लेकिन पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है। पिछले कुछ समय से बरियारपुर थाना क्षेत्र में लगातार गृहभेदन (चोरी) और स्कूलों को निशाना बनाकर चोरी की घटनाएं घटित हो रही थीं, जिससे आम जनता और शैक्षणिक संस्थानों में दहशत का माहौल था। पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस गिरोह के 6 शातिर अपराधियों को धर दबोचा है, जबकि 2 विधि विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस की इस बड़ी सफलता से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

मुजफ्फरपुर में बरियारपुर थाना क्षेत्र के गृहभेदन और स्कूल चोरी कांड का खुलासा करते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार प्रभाकर तथा साथ में खड़े गिरफ्तार किए गए आरोपी।

रैकी कर सूने घरों और स्कूलों को बनाते थे निशाना

ग्रामीण पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार प्रभाकर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था। गिरोह के सदस्य स्थानीय स्तर के ही हैं, जो मुख्य रूप से बरियारपुर और सकरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। ये अपराधी दिन के समय सूने मकानों की रैकी (निगरानी) करते थे और मौका पाकर घरों के ताले तोड़कर सामान उड़ा लेते थे। इसके अलावा, रात के समय बंद स्कूलों को अपना निशाना बनाकर वहाँ भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

दो बड़े मामलों का हुआ सफल उद्भेदन

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खुलासे से बरियारपुर थाने में दर्ज दो बड़े कांडों का उद्भेदन हुआ है:

  1. बरियारपुर थाना कांड संख्या 147/26: जो कि घर में सेंधमारी और चोरी (गृहभेदन) से संबंधित था।
  2. बरियारपुर थाना कांड संख्या 103/26: जो एक स्कूल में हुई चोरी की घटना से जुड़ा था, जहाँ से स्कूल का कीमती सामान चुरा लिया गया था।

तकनीकी और मानवीय इनपुट से पुलिस को मिली सफलता

लगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस ने मामलों को गंभीरता से लिया और एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी और मानवीय आसूचना (टेक्निकल और मैनुअल इनपुट) के आधार पर पुलिस ने सुराग जुटाए। इसी के तहत पुलिस ने पहले इस गिरोह के 3 मुख्य अपराधियों को चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों से जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की, तो उनके अपराध स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर चोरी का सामान खरीदने वाले अन्य 3 लोगों को भी दबोच लिया गया। इस तरह पुलिस ने कुल 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में चुराया गया सामान बरामद किया है। बरामदगी में शामिल मुख्य सामग्रियां इस प्रकार हैं:

  • 1 मोटरसाइकिल
  • 8 मोबाइल फोन
  • 3 एलईडी टीवी
  • 2 बैटरी
  • 3 इन्वर्टर
  • 2 मोटर
  • इसके अलावा अन्य चोरी की सामग्रियां भी बरामद की गई हैं।

क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाल रही है पुलिस, अन्य की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी 6 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। साथ ही, पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास का भी पता लगाया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्होंने पहले किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरोह में शामिल 2-3 अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

  1. सुभम कुमार, थाना-बरियारपुर, जिला-मुजफ्फरपुर
  2. निरज कुमार, थाना-बरियारपुर, जिला-मुजफ्फरपुर
  3. सुरज कुमार, थाना-बरियारपुर, जिला-मुजफ्फरपुर
  4. मो0 अनवर, थाना-सकरा, जिला-मुजफ्फरपुर
  5. राजकिशोर चौधरी, थाना-सकरा, जिला-मुजफ्फरपुर
  6. सीता देवी, थाना-सकरा, जिला-मुजफ्फरपुर

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वन्यजीवों की रक्षा का संकल्प और प्रतिभाओं का जलवा : एम.डी.डी.एम. कॉलेज में गूंजा पर्यावरण संरक्षण का नारा!

मुजफ्फरपुर, 08 अक्टूबर 2026

एम.डी.डी.एम. कॉलेज के स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग में आयोजित राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह (2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026) का आज भव्य समापन हो गया। इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का ऐसा जलवा बिखेरा कि पूरा कॉलेज परिसर वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण प्रेम के रंगों से सराबोर हो गया। समापन समारोह के अवसर पर आज क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्नातक (यू.जी.) एवं स्नातकोत्तर (पी.जी.) की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा मनवाया।

एम.डी.डी.एम. कॉलेज के स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान विभाग में राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह के समापन और क्विज प्रतियोगिता के दौरान मंच पर उपस्थित , विभागाध्यक्ष अर्चना गुप्ता, पल्लवी कुमारी, रचना कुमारी एवं अन्य शिक्षकगण।

विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी सितारों की चमक

कार्यक्रम के दौरान आयोजित पोस्टर, डिबेट और क्विज प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा की गई, जिसमें छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया:

  • पोस्टर प्रतियोगिता (6 अक्टूबर 2026): इस स्पर्धा में स्नातकोत्तर सेमेस्टर 2 की छात्रा सृष्टि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, स्नातक सेमेस्टर 7 की छात्रा इरम फातिमा ने दूसरा स्थान हासिल किया, तथा स्नातक सेमेस्टर 1 की छात्रा सनसना परवीन और साजिया ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
  • वाद-विवाद (डिबेट) प्रतियोगिता (7 अक्टूबर 2026): इस बौद्धिक मुकाबले में स्नातकोत्तर सेमेस्टर 2 की छात्रा शिखा कुमारी और गुड़िया कुमारी ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्नातकोत्तर सेमेस्टर 2 की छात्रा सृष्टि ने दूसरा स्थान, और स्नातक सेमेस्टर 1 की छात्रा संस्कृति ने तृतीय स्थान अपने नाम किया।
  • क्विज प्रतियोगिता (8 अक्टूबर 2026): अंतिम दिन आयोजित रोमांचक क्विज मुकाबले में स्नातकोत्तर सेमेस्टर 2 की छात्रा गुड़िया कुमारी और स्नातक सेमेस्टर 1 की छात्रा सायमा फरहीन ने प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरा स्थान स्नातकोत्तर सेमेस्टर 2 की हिमांशी कुमारी को मिला, जबकि स्नातक सेमेस्टर 1 की मेहर परवीन और बिंदिया कुमारी ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

प्राचार्य और शिक्षकों के मार्गदर्शन से मिली सफलता

इस पूरे सप्ताह चले कार्यक्रमों का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या अलका जायसवाल के कुशल दिशा-निर्देश में किया गया। उनके प्रेरणादायी नेतृत्व ने छात्राओं में भारी उत्साह भरा। कार्यक्रम के सफल संचालन में जंतु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष अर्चना गुप्ता, सहायक प्राध्यापिका पल्लवी कुमारी एवं रचना कुमारी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाएँ भी उपस्थित रहकर छात्राओं का हौसला बढ़ाते दिखे।

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एमडीडीएम कॉलेज में गूँजा एआई का डंका: तकनीक के महासागर में डूबे विद्यार्थी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के चमत्कारों से हुए रूबरू!

 08 अक्‍टूबर 2026

मुजफ्फरपुर: गुरुवार को मुजफ्फरपुर के प्रतिष्ठित एमडीडीएम कॉलेज में स्नातकोत्तर गणित विभाग एवं बीसीए विभाग की ओर से एक अभूतपूर्व और धमाकेदार “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर व्याख्यान-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। इस महाधमाका कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीक के इस युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के शैक्षणिक और व्यावहारिक चमत्कारों से रूबरू कराना था, ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

एमडीडीएम कॉलेज में आयोजित “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर व्याख्यान-सह-अभिमुखीकरण कार्यक्रम” के दौरान उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्राध्यापकगण और छात्र-छात्राएं।

शिक्षा के क्षेत्र में एआई की क्रांति

कार्यक्रम की संयोजक एवं गणित विभाग की विभागाध्यक्ष माला ने शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते कदमों और इसके क्रांतिकारी महत्व पर खुलकर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को इसके अनगिनत उपयोगों और भविष्य की असीम संभावनाओं से अवगत कराया। वहीं, महाविद्यालय की प्राचार्या अलका जायसवाल ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के बढ़ते प्रभुत्व और शिक्षा के क्षेत्र में इसकी अनिवार्यता पर बेहद विस्तार से और जोरदार चर्चा की।

मुख्य वक्ता का दमदार संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पीयूष पाण्डेय ने अपने ओजस्वी भाषण से छात्र-छात्राओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वर्तमान उपयोगिता, शैक्षणिक संभावनाओं और भविष्य में इसके महा-महत्व को गहराई से समझाते हुए विद्यार्थियों को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सुनहरा अवसर प्रदान किया।

रोमांचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और विजेताओं का जलवा

इस भव्य आयोजन में गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, बीबीए, बीसीए तथा अन्य तमाम विभागों के छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान एक रोमांचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 75 छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कड़ी टक्कर के बाद, बीसीए की अनुष्का पाण्डेय ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि द्वितीय स्थान पर बीसीए की ही अनुष्का वर्मा रहीं।

मंच संचालन और व्यवस्थाओं का जादू

कार्यक्रम का शानदार और ऊर्जावान मंच संचालन प्रेरणा सुप्रिया द्वारा किया गया। इस पूरे आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में बीसीए विभाग के शमशीर अली, प्रेरणा सुप्रिया, राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, गौरव कुमार, आनंद कुमार तथा त्रिपुरारी ठाकुर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा शगुफ्ता नाज़, अर्चना तिवारी समेत अन्य विभागों के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता ने इस कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

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वोट की खुली लूट के खिलाफ सड़कों पर उतरा इंडिया गठबंधन ! समस्तीपुर में भाकपा माले और इंडिया गठबंधन का  प्रतिरोध मार्च, ज्ञानेश कुमार और मोदी-शाह का पुतला दहन

ताजपुर/समस्तीपुर 8 अक्टूबर 2026

समस्तीपुर की धरती पर गुरुवार को लोकतंत्र बचाने की हुंकार के साथ प्रतिरोध मार्च निकाला गया। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से चल रही कथित वोट चोरी की साजिश के खिलाफ भाकपा माले और इंडिया गठबंधन के बैनर तले कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ जोरदार जंग का ऐलान कर दिया। “गली-गली में शोर है, मोदी-शाह वोट चोर है” के नारों से पूरा शहर गूँज उठा।

स्टेशन चौक से लेकर समाहरणालय तक निकला आक्रोश मार्च

मिली जानकारी  के अनुसार, समस्तीपुर शहर के गाँधी स्मारक स्टेशन चौक से इंडिया गठबंधन के आह्वान पर लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला गया। हाथ में संविधान की तख्तियाँ, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह की तस्वीरें थामे कार्यकर्ता वोट चोर ज्ञानेश-मोदी-शाह का पुतला लेकर सड़कों पर मार्च करते हुए मुख्यालय का भ्रमण किया। नारेबाज़ी करते हुए यह आक्रोश मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए सरकारी बस स्टैंड और अस्पताल चौक के पास पहुँचा, जहाँ यह एक विशाल जनसभा में तब्दील हो गया।

लोकतंत्र और संविधान पर सीधा हमला: सुरेंद्र प्रसाद सिंह

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि “गली-गली में शोर है_मोदी-शाह वोट चोर है” का नारा आज गाँव-गाँव में गूँज रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी और शाह ने गहरी साजिश के तहत चुनाव आयोग को आगे किया है। पहले विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिए फॉर्म-7 का दुरुपयोग करके देश के करोड़ों वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवा दिए गए और फिर अपने समर्थकों के नाम जोड़कर जीत का रास्ता साफ करने की नापाक कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोटूक कहा कि यह सीधे तौर पर देश के संविधान और लोकतंत्र पर हमला है, जिसे भारत की जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त और शीर्ष नेताओं के इस्तीफे की माँग

अस्पताल चौक पर आयोजित सभा की अध्यक्षता खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के प्रखंड सचिव प्रभात रंजन गुप्ता ने की। सभा में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफे की माँग उठाई।

सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओं में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, शाद तौहीदी, मनोज कुमार सिंह, शंकर महतो, संजय कुमार, चांदबाबू, संजीव राय, रॉकी खान तथा मनोज साह समेत कई अन्य नेता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में वोट चोरी की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक और तानाशाही करार दिया।

पुतला दहन के साथ गूँजे इंकलाबी नारे

प्रदर्शन के अंत में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर मोदी-शाह गद्दी छोड़ो”, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे तीखे नारों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का संयुक्त पुतला फूँककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

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महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में घमासान मुकाबला: शिक्षकेतर कर्मचारी संघ चुनाव में पार्थ प्रियदर्शी बने अध्यक्ष, दिग्गजों ने मारी बाजी!

08 अक्‍टूबर 2026

मुजफ्फरपुर :  महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में आज गुरुवार को शिक्षकेतर कर्मचारी इकाई संघ का चुनाव बेहद रोमांचक और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जिला संरक्षक विनोद कुमार झा की सख्त देखरेख और तमाम कर्मचारियों की भारी मौजूदगी में हुए इस चुनाव ने कॉलेज परिसर की राजनीतिक सरगर्मी को अचानक से काफी बढ़ा दिया है। सर्वसम्मति और मतदान की लंबी प्रक्रिया के बाद महाविद्यालय के नए नेतृत्व की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो चुकी है, जिसमें कई दिग्गज चेहरों ने महत्वपूर्ण पदों पर कब्जा जमाया है।

महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में आयोजित शिक्षकेतर कर्मचारी संघ चुनाव के परिणाम के उपरान्‍त  (जीत के बाद) उत्साह मनाते नवनिर्वाचित सदस्य।

चुनाव के परिणामों के अनुसार, पार्थ प्रियदर्शी को संघ का नया अध्यक्ष चुना गया है, जिनकी जीत के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा, राजीव कुमार को प्रक्षेत्रीय मंत्री और अभिषेक कुमार को प्रक्षेत्रीय कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महाविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से यह चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से अपने अंजाम तक पहुँचा।

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की सूची इस प्रकार है:

  • संरक्षक: सतीश चंद्र राय
  • अध्यक्ष: पार्थ प्रियदर्शी
  • उपाध्यक्ष: पल्लवी कुमारी
  • सचिव: संजय कुमार 2
  • कोषाध्यक्ष: अमित कुमार
  • संयुक्त सचिव: सचिन कुमार
महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय में आयोजित शिक्षकेतर कर्मचारी संघ चुनाव के दौरान मतदान करतीं पल्लवी कुमारी व अन्य पदाधिकारी

कार्यकारिणी सदस्य:

  • रमेश कुमार चौधरी
  • दीपक कुमार

चुनाव के दौरान कॉलेज परिसर में सुबह से ही गहमागहमी का माहौल बना रहा। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को महाविद्यालय के अन्य कर्मचारियों द्वारा फूल-माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया तथा उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।

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