Monday, August 10, 2026

मुजफ्फरपुर में युवक का अपहरण : 50 हजार रुपये की मांगी फिरौती ,

पुलिस ने 2 घंटे के भीतर किया सकुशल बरामद, हथियार के साथ 2 शातिर अपराधी गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर (विशेष संवाददाता): मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जजुआर आउट पोस्ट (ओपी) इलाके में एक 19 वर्षीय युवक के अपहरण की खबर से हड़कंप मच गया। खेलते समय बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर युवक का अपहरण कर लिया और रिहाई के एवज में 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। सूचना मिलते ही हरकत में आई मुजफ्फरपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर न केवल अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया, बल्कि घटना में शामिल दोनों शातिर अपराधियों को भी धर दबोचा।

मुजफ्फरपुर में 19 वर्षीय युवक के अपहरणकांड का सफल उद्भेदन करने के बाद गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों और बरामद सामान के साथ प्रेसवार्ता करते पुलिस अधिकारी।

खेल के मैदान से किया था किडनैप

मिली जानकारी के अनुसार, 09 अगस्त 2026 की शाम जजुआर ओपी (कटरा) क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवक खेल रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे दो अज्ञात अपराधियों ने पिस्तौल की नोक पर उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद अपराधियों ने परिजनों से 50 हजार रुपये की फिरौती की मांग की। घटना के बाद बदहवास परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। अपहृत युवक के पिता के फर्दबयान के आधार पर जजुआर ओपी (कटरा) थाना में कांड संख्या-208/26 दर्ज कर छानबीन शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनी विशेष टीम

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के अनुश्रवण तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पूर्वी-01 के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम में जजुआर ओपी प्रभारी और उनकी पुलिस टीम को शामिल किया गया।

तकनीकी जांच और 2 घंटे में त्वरित कार्रवाई

गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय आसूचना (ह्यूमन इंटेलिजेंस) का सहारा लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर जजुआर ओपी (कटरा) क्षेत्र के रहने वाले 19 वर्षीय अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही मौके से अपहरणकांड को अंजाम देने वाले दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पकड़े गए अभियुक्त और बरामदगी

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार है:

  1. मंजय कुमार (निवासी: जजुआर ओपी, जिला- मुजफ्फरपुर)
  2. सुनील कुमार (निवासी: जजुआर ओपी, जिला- मुजफ्फरपुर)

बरामद सामान:

  • 01 देशी पिस्तौल
  • 04 जिंदा कारतूस
  • अपहृत युवक का 01 मोबाइल फोन
  • घटना में प्रयुक्त 01 मोटरसाइकिल

कुख्यात रहा है मंजय कुमार का इतिहास

पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्तों में से मंजय कुमार का लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सीतामढ़ी समेत कई जिलों के थानों में लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले दर्ज हैं:

  1. सदर थाना कांड संख्या- 127/23 (लूट कांड)
  2. सदर थाना कांड संख्या- 210/23 (लूट कांड)
  3. सदर थाना कांड संख्या- 777/23 (आर्म्स एक्ट)
  4. सदर थाना (दरभंगा) कांड संख्या- 140/23 (लूट एवं आर्म्स एक्ट)
  5. कमतौल (दरभंगा) थाना कांड संख्या- 70/23 (लूट कांड)
  6. नानपुर (सीतामढ़ी) थाना कांड संख्या- 106/23 (डकैती कांड)

पुलिस के अनुसार अपराधियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड का पता लगाया जा रहा है तथा मामले में अग्रतर कानूनी कार्रवाई जारी है।

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आसमान से हुई फूलों की बारिश, जय भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा उत्तर बिहार का देवघर: गरीबनाथ धाम में पहली बार हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा

मुजफ्फरपुर: श्रावणी मेला 2026 के पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर स्थित प्रसिद्ध गरीबनाथ धाम में भक्ति और आस्था का ऐसा अनुपम दृश्य देखने को मिला, जिसकी गवाह लाखों की संख्या में उमड़ी कांवरियों और श्रद्धालुओं की भीड़ बनी। पहली बार राज्य सरकार और पर्यटन विभाग की संयुक्त पहल से बाबा गरीबनाथ धाम परिसर एवं कांवरिया मार्ग पर हेलीकॉप्टर से भव्य पुष्पवर्षा की गई। जैसे ही नभ मंडल से श्रद्धालुओं पर पंखुड़ियाँ बरसीं, पूरा धाम ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

कांवरिया पथ पर पुष्पवर्षा के दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते और आसमान की ओर देखते जिलाधिकारी कुमार गौरव, वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी।

आस्था के सम्मान में बिछाए गए फूल राज्य सरकार एवं पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस पुष्पवर्षा का उद्देश्य बाबा भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से पैदल यात्रा कर पहुंचे श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को नमन करना और उनका आत्मीय अभिनंदन करना था। आसमान से जैसे ही बहुरंगी फूलों की वर्षा शुरू हुई, श्रद्धालुओं के चेहरे खुशी से खिल उठे और भक्ति रस में सराबोर होकर श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर महादेव का आभार व्यक्त किया।

बाबा गरीबनाथ धाम परिसर में हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा के बीच हाथ उठाकर और हाथ जोड़कर हर-हर महादेव का जयघोष करते श्रद्धालु।

प्रातः काल से ही कांवरिया पथ पर मुस्तैद रहे प्रशासनिक अधिकारी श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुगम, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित जलाभिषेक सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सुबह से ही मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा स्वयं कांवरिया मार्ग और मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य शिविरों, पेयजल एवं कतारबद्ध जलाभिषेक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भक्तिमय माहौल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम बाबा गरीबनाथ धाम को उत्तर बिहार का देवघर कहा जाता है। मेले के दौरान लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पूरे मार्ग में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रशासनिक चौकसी और पुष्पवर्षा के इस अनोखे स्वागत से श्रद्धालु अत्यंत अभिभूत और उत्साहित नजर आए।

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राज्य के 1 करोड़ 1 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 1157 करोड़, अब हर महीने की 10 तारीख को सीधे बैंक में आएगी रकम

पटना, 10 अगस्त। बिहार सरकार ने राज्य के गरीब, बुजुर्ग, दिव्यांग और वंचित समाज के लोगों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। ‘बिहार पेंशन दिवस’ के अवसर पर लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित एक राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए एक साथ 1 करोड़ 1 लाख 33 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के बैंक खातों में कुल 1157 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की।

हर महीने की 10 तारीख को सीधे खाते में पेंशन

मुख्यमंत्री ने समारोह को संबोधित करते हुए घोषणा की कि राज्य के सभी पात्र पेंशनधारियों को अब पेंशन की राशि के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसी पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली विकसित की है जिससे प्रत्येक महीने की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सरकार की पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

डिजिटल बटन दबाकर पेंशन राशि का हस्तांतरण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। मंच पर उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित।

400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये की गई राशि

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिमाह किया गया था। इस वृद्धि से राज्य के लाखों गरीब और वंचित परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश: कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए

कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन वितरण पूरी तरह समयबद्ध और पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पाने से वंचित न रहे। जो लोग छूट गए हैं, उन्हें चिन्हित कर तुरंत योजना से जोड़ा जाए।

गरीबों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ

सामाजिक सुरक्षा के अन्य कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य के 1 करोड़ 70 लाख परिवारों को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिसके लिए राज्य सरकार अपने खजाने से 23 हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी का वहन कर रही है।

लघु फिल्म का प्रदर्शन और गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी

कार्यक्रम की शुरुआत में सामाजिक सुरक्षा की निदेशक डॉ० प्रीति ने मुख्यमंत्री का स्वागत हरित पौधा भेंटकर किया। इस मौके पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की उपलब्धियों और लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव एच०आर० श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह और सामाजिक सुरक्षा निदेशक डॉ० प्रीति सहित कई वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में पेंशनधारी लाभार्थी भी जुड़े हुए थे।

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मुजफ्फरपुर में पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: पिस्तौल और कारतूस के साथ 2 कुख्यात शातिर गिरफ्तार, हत्या-डकैती का रहा है खौफनाक इतिहास!

मुजफ्फरपुर। जिला पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण, शराबबंदी और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कटरा थाना अंतर्गत जजुआर आउटपोस्ट (ओपी) पुलिस ने गश्त के दौरान सड़क पर जा रहे 2 शातिर अपराधियों को पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल के साथ धर दबोचा। गिरफ्तार अपराधियों में से एक का लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है, जिस पर हत्या, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

पहलसौल रोड पर घेराबंदी कर दबोचे गए अपराधी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरपुर के कड़े निर्देशों के आलोक में जजुआर ओपी की पुलिस टीम 8 अगस्त 2026 की रात सघन चेकिंग और गश्त अभियान चला रही थी। इसी दौरान पहसौल से जजुआर जाने वाली मुख्य सड़क पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को मोटरसाइकिल पर जाते देखा गया। पुलिस टीम को देखते ही दोनों भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

जजुआर ओपी (कटरा) पुलिस की गिरफ्त में हथियार और कारतूस के साथ पकड़े गए कुख्यात अपराधी विक्रम पासवान उर्फ टीपू पासवान और सोनु कुमार।

तलाशी लेने पर उनके पास से 1 देसी पिस्तौल, 3 जिंदा कारतूस और 1 बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की गई।

गिरफ्तार अपराधियों का विवरण:

  1. विक्रम पासवान उर्फ टीपू पासवान (थाना – जजुआर ओपी, जिला – मुजफ्फरपुर)
  2. सोनु कुमार (थाना – जजुआर ओपी, जिला – मुजफ्फरपुर)

बरामदगी:

  • देसी पिस्तौल: 1
  • जिंदा कारतूस: 3
  • मोटरसाइकिल: 1

कुख्यात विक्रम पासवान का खौफनाक आपराधिक इतिहास

पुलिस पड़ताल में सामने आया कि गिरफ्तार विक्रम पासवान उर्फ टीपू पासवान कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर और पड़ोसी जिले सीतामढ़ी में हत्या, डकैती, अवैध हथियार और शराब तस्करी के कई संगीन मामले दर्ज हैं:

  1. नानपुर (सीतामढ़ी) थाना कांड संख्या – 318/18: हत्या एवं आर्म्स एक्ट
  2. कटरा थाना कांड संख्या – 54/19: बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम
  3. कटरा थाना कांड संख्या – 171/19: आर्म्स एक्ट
  4. कटरा थाना कांड संख्या – 193/19: बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम
  5. कटरा थाना कांड संख्या – 109/21: बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम
  6. कटरा थाना कांड संख्या – 132/21: आर्म्स एक्ट
  7. कटरा थाना कांड संख्या – 176/19: डकैती एवं आर्म्स एक्ट
  8. जजुआर ओपी (कटरा) कांड संख्या – 21/26: बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम

पुलिस की अग्रतर कार्रवाई जारी

इस पूरी कार्रवाई के संदर्भ में जजुआर ओपी (कटरा) में कांड संख्या – 207/26 दर्ज कर दोनों अभियुक्तों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विक्रम पासवान के अन्य आपराधिक नेटवर्क और आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है। पुलिस की इस तत्परता से इलाके में किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिए जाने की साजिश नाकाम हो गई है।

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जीवन के बाद भी रोशन होंगी सांसें : पटना से उठा अंगदान का बड़ा संकल्प,

12वें अंतर्राष्ट्रीय एवं चौथे राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर भव्य राज्यस्तरीय समारोह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य समेत दिग्गजों की उपस्थिति में हुआ पत्रिका विमोचन व संकल्प ग्रहण

विशेष संवाददाता, पटना पटना (बिहार)। राजधानी पटना के गांधी मैदान स्थित बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स परिसर में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस एवं चौथे राष्ट्रीय अंगदान दिवस के अवसर पर मानवता और सामाजिक चेतना का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ‘दधीचि देहदान समिति’ के तत्वावधान में आयोजित इस राज्यस्तरीय ‘संकल्प एवं सम्मान समारोह’ का विधिवत उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद और दधीचि देहदान समिति के अध्यक्ष पद्मश्री विमल जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस महाआयोजन के दौरान उपस्थित अतिथियों और आम जनमानस ने एक स्वर में अंगदान व देहदान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और मानव कल्याण के लिए संकल्प लिया।

मानवता का संकल्प: पटना के बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय अंगदान दिवस व द्वादश अंतर्राष्ट्रीय अंगदान दिवस समारोह के दौरान दधीचि देहदान समिति की विशेष स्मारिका पत्रिका का विमोचन करते बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, पद्मश्री विमल जैन एवं अन्य गणमान्य अतिथि।

राज्य सरकार का बड़ा ऐलान: जिला अस्पतालों से लेकर मेडिकल कॉलेजों तक चलेगा जनजागरण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अंगदान को मानव जीवन का सबसे बड़ा और पवित्र दान करार दिया। उन्होंने कहा, जीते जी रक्तदान और मृत्यु के बाद नेत्रदान, अंगदान तथा देहदान से किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में आशा की नई किरण प्रज्वलित की जा सकती है। दधीचि देहदान समिति द्वारा इस दिशा में किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।”

उपमुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार अंगदान और देहदान के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों और राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करने की दिशा में बिहार सरकार पूर्ण सहयोग एवं संसाधन प्रदान करेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर अंगदान का संकल्प लें और जीवन के बाद भी किसी के जीवन में आशा का प्रकाश बनें।

अंगदान का महासंकल्प: 12वें अंतर्राष्ट्रीय एवं चतुर्थ राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर पटना में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में एक साथ हाथ उठाकर अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेते उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, पद्मश्री विमल जैन तथा मंच पर उपस्थित अन्य विशिष्ट जन।

भारतीय संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है देहदान: राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य

समारोह में पहुंचे असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने दधीचि देहदान समिति के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महर्षि दधीचि का त्याग हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिन्होंने जन-कल्याण के लिए अपनी अस्थियों का दान कर दिया था। आज के आधुनिक युग में देहदान और अंगदान उसी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत रूप है। यह कार्य न केवल चिकित्सा विज्ञान और शोधार्थियों के लिए संजीवनी का काम करता है, बल्कि असमय काल के क्रूर चक्र में फंसे लोगों को नवजीवन भी देता है।

कार्यक्रम के दौरान सिक्किम के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद तथा पद्मश्री विमल जैन ने भी अपने विचार रखे और समाज के हर वर्ग से आगे आकर इस अभियान से जुड़ने की अपील की।

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विश्व आदिवासी दिवस व बिहार पृथ्वी दिवस पर जल, जंगल और जमीन की रक्षा का हुंकार: “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” के उद्घोष के साथ सम्राट चौधरी ने रोपे कल्पतरु-रुद्राक्ष, हरित बिहार बनाने का किया आह्वान!

पटना, 09 अगस्त 2026: बिहार पृथ्वी दिवस 2026 और विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर राजधानी पटना स्थित लोक सेवक आवास परिसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजातीय संस्कृतिएवं पृथ्वी दिवस के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कल्पतरु और रुद्राक्ष का पौधा लगाकर राज्य में पर्यावरण संरक्षण को जनांदोलन बनाने की हुंकार भरी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सावन-भादो के इस पवित्र महीने में अधिक से अधिक पौधे लगाएं और आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित एवं पूरी तरह सुरक्षित बिहार का निर्माण करें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा — माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” यानी यह संपूर्ण पृथ्वी हमारी माता है और हम सभी इसके पुत्र हैं। धरती मां की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है।

बिहार पृथ्वी दिवस 2026 एवं विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पटना स्थित लोक सेवक आवास परिसर में कल्पतरु और रुद्राक्ष का पौधा रोपते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी। इस अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सभी आदिवासी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के साथ अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत को संजोकर रखने वाले आदिवासी समाज का योगदान अतुलनीय है। उनके इस अनमोल योगदान को राज्य सरकार सादर नमन करती है।

पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु 11 सूत्री महासंकल्प

बिहार पृथ्वी दिवस के इस विशेष अवसर पर राज्य सरकार की ओर से पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग के प्रति आमजनों को जागरूक करने के लिए 11 सूत्री संकल्प पत्र जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी से इन्हें दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया:

  1. पौधारोपण एवं सुरक्षा: प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम 1 पौधा लगाएगा तथा उसकी उचित सुरक्षा एवं देखरेख कर उसे वृक्ष बनाएगा।
  2. जल स्रोतों की स्वच्छता: अपने आसपास के तालाब, नदी, पोखर एवं अन्य जल स्रोतों को प्रदूषित नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
  3. जल का सीमित उपयोग: आवश्यकता से अधिक जल का उपयोग नहीं करेंगे तथा काम समाप्त होते ही नल बंद रखेंगे।
  4. वर्षा जल संचयन: घर, विद्यालय और आस-पड़ोस में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था के लिए प्रेरित करेंगे।
  5. ऊर्जा संरक्षण: बिजली का उपयोग केवल आवश्यकतानुसार करेंगे और कमरे से बाहर निकलते समय बल्ब एवं पंखे बंद करेंगे।
  6. स्वच्छता का संकल्प: घर, विद्यालय एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे तथा सारा कचरा केवल कूड़ेदान में ही डालेंगे।
  7. प्लास्टिक मुक्ति: प्लास्टिक और पॉलिथीन का उपयोग पूरी तरह बंद कर कपड़े या कागज के थैलों का ही इस्तेमाल करेंगे।
  8. जीव-जंतु संरक्षण: पशु-पक्षियों के प्रति दया एवं प्रेम का भाव रखेंगे तथा उनके लिए अन्न-जल की व्यवस्था करेंगे।
  9. पर्यावरण अनुकूल परिवहन: नजदीकी कार्यों के लिए वाहनों के बजाय पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने की आदत डालेंगे।
  10. कागज की बचत: पेड़ों की कटाई रोकने के लिए कागज का अनावश्यक इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करेंगे।
  11. पूर्ण स्वच्छता: खुले में शौच करने से बचेंगे और हमेशा शौचालय का ही उपयोग सुनिश्चित करेंगे।

इस गरिमामय कार्यक्रम के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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समस्तीपुर में रेलकर्मियों का डीआरएम कार्यालय पर  प्रदर्शन: नई श्रम नीति और निजीकरण के खिलाफ उठी आवाज

अगस्त क्रांति दिवस पर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के सामने जुटे रेल कर्मचारी, मजदूर विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग

समस्तीपुर, 9 अगस्त 2026: अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर समस्तीपुर में रेलवे कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। पूर्व मध्य रेल के मान्यता प्राप्त संगठन ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ईसीआरईयू) के बैनर तले रविवार को समस्तीपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) कार्यालय के सामने एक विशाल जन कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस कन्वेंशन में नई श्रम संहित, रेलवे के निजीकरण-निगमीकरण, एनपीएस/यूपीएस, बोनस पर सीलिंग और सभी विभागों में आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था लागू न किए जाने के खिलाफ आवाज उठाई गई।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन के जन कन्वेंशन में अपनी मांगों के समर्थन में उपस्थित समस्तीपुर मंडल के रेलकर्मी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पासवान ने की तथा संचालन मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे रेलकर्मियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी बात रखी और एकजुटता जताई।

रेलवे के निजीकरण की कोशिशें गलत: रत्नेश वर्मा

मुख्य वक्ता के रूप में यूनियन के केंद्रीय संयुक्त महासचिव सह इंडियन रेलवे इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय सह महासचिव रत्नेश वर्मा ने कहा कि नई श्रम नीति, निजीकरण, निगमीकरण, एनपीएस/यूपीएस और बोनस सीलिंग जैसे मुद्दों पर सरकार का रवैया कर्मचारियों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रेलवे को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका कर्मचारी संगठित होकर विरोध करेंगे।

कर्मचारी सुविधाओं और अधिकारों पर जोर: संजीव मिश्रा

सभा को संबोधित करते हुए मंडल सचिव संजीव मिश्रा ने कहा कि पेंशन, वेतन, भत्ता, बोनस, प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति, ड्यूटी रोस्टर और विश्राम जैसी सुविधाएं कर्मचारियों का हक हैं। रेलवे प्रशासन को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू करना चाहिए।

मंडल कार्यकारी अध्यक्ष कैलाश पासवान ने लेबर कोड की वापसी, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और निजीकरण पर रोक लगाने के लिए एकजुट होकर आंदोलन चलाने की बात कही।

ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन के जन कन्वेंशन में अपनी मांगों के समर्थन में उपस्थित समस्तीपुर मंडल के रेलकर्मी।

सेवा समीक्षा नीति से कर्मचारियों में असुरक्षा: चंदन यादव

केंद्रीय संगठन सचिव चंदन यादव ने कहा कि कर्मचारियों पर जबरन निजीकरण और निगमीकरण थोपा जा रहा है। साथ ही 55/30 सर्विस रिव्यू जैसी नीतियों से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने की मांग की।

एआईसीसीटीयू (ऐक्टू) नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में मजदूरों की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। ठेका मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिल पा रही है और चार लेबर कोड के माध्यम से श्रमिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है।

प्रमुख मांगें:

कन्वेंशन के माध्यम से प्रमुख मांगें उठाई गईं:

  • सभी विभागों में 8 घंटे के ड्यूटी रोस्टर का पूरी तरह पालन हो।
  • रेलवे में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए।
  • आउटसोर्सिंग समाप्त कर समान काम के लिए समान वेतन लागू हो।
  • रन-ओवर दुर्घटनाओं की उच्चस्तरीय जांच हो और रेलकर्मियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाएं।
  • रेलवे अस्पतालों व आवासीय सुविधाओं में सुधार किया जाए।
  • ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता लाई जाए और विभिन्न भत्तों का समय पर भुगतान हो।
समस्तीपुर में डीआरएम कार्यालय के सामने आयोजित जन कन्वेंशन में मांगों से संबंधित पोस्टर प्रदर्शित करते ईसीआरईयू के प्रतिनिधि व रेलकर्मी।

इनकी रही उपस्थिति:

इस कन्वेंशन को राजकुमार, प्रेम कुमार ठाकुर, संतोष मिश्रा, प्रमोद कुमार राय, सोनू कुमार, वीरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, रत्न मिश्र, राजीव कुमार, अविनाश कुमार, चंदन कुमार, संतोष मिश्र, कैलाश कुमार, संगम कुमार, राज कुमार, ऐक्टू के ललन कुमार, रेल विकास मंच के राम विनोद पासवान, विश्वनाथ सिंह हजारी, सुशील कुमार, रामलाल राम, पूर्व पार्षद अर्जुन कुमार, दीनबंधु प्रसाद, शाहिद हुसैन और दीपक यदुवंशी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने की अपील की गई।

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सियासत छोड़ अब सिल्वर स्क्रीन पर तेज प्रताप का हलचल! मल्लिका शेरावत संग तेज प्रताप यादव का दिखा नया अवतार, सोशल मीडिया पर सस्पेंस गहराया

विशेष संवाददाता, पटना

राजनीति के गलियारों में अपने अनूठे अंदाज और बयानों के लिए जाने जाने वाले जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव अब मनोरंजन जगत में बड़ा कदम रखने जा रहे हैं। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के साथ उनकी एक शूटिंग की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक एवं सांस्कृतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जब तक राजनीति में कोई बड़ा घटनाक्रम नहीं घट रहा है, तब तक लाइमलाइट में बने रहने का यह जरिया किसी मास्टरस्ट्रोक से कम नहीं माना जा रहा है।

एक्स (ट्विटर) पर साझा किया वीडियो, बढ़ाई उत्सुकता

तेज प्रताप यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर शूटिंग से जुड़ा एक वीडियो और कुछ तस्वीरें साझा की हैं। इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक सस्पेंस से भरा बयान जारी किया है:

शूटिंग सेट से सामने आई खास तस्वीरें: (बाएं से दाएं) ब्लैक सूट में टेक के दौरान तेज प्रताप यादव और मल्लिका शेरावत; मोबाइल स्क्रीन देखते हुए चर्चा में व्यस्त तेज प्रताप यादव व मल्लिका शेरावत; और सेट पर क्रू मेंबर्स के साथ सीन की तैयारी करते दोनों कलाकार। (फोटो: एक्स से साभार)

कुछ बहुत बड़ा आने वाला है! बहुत जल्द पूरे देश और पूरे एशिया को कुछ नया देखने को मिलने वाला है। मल्लिका शेरावत जी के साथ हमारा कुछ खास और नया आने वाला है। फिलहाल यह एक सस्पेंस हैइसलिए दिल थामकर बैठिए और चेहरे पर ज़्यादा बेचैनी मत लाइए! बस कुछ ही दिनों का इंतज़ार है… 1 से 10 तक गिनती शुरू कर दीजिए! बाकी राज़ से पर्दा बहुत जल्द उठेगाकमिंग सून (COMING SOON)…”

क्या है यह प्रोजेक्ट? फिल्म, एल्बम या वेब सीरीज?

इस घोषणा के बाद से ही हर तरफ यह सवाल तैर रहा है कि आखिर तेज प्रताप यादव और मल्लिका शेरावत की यह जोड़ी दर्शकों के सामने क्या पेश करने वाली है?

  1. म्यूजिक वीडियो/एल्बम सॉन्ग: कयास लगाए जा रहे हैं कि यह कोई बड़ा म्यूजिक वीडियो हो सकता है, जिसकी शूटिंग का सेटअप काफी भव्य दिख रहा है।
  2. फीचर फिल्म या वेब सीरीज: तस्वीरों में तेज प्रताप यादव सूट-बूट और औपचारिक पहनावों में नजर आ रहे हैं, जिससे किसी फीचर फिल्म या ओटीटी सीरीज की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

तेज प्रताप यादव ने फिलहाल इस पूरे प्रोजेक्ट पर सस्पेंस बना रखा है, लेकिन उन्होंने जिस तरह से ‘पूरे देश और एशिया’ का जिक्र किया है, उससे साफ है कि यह कोई बड़े पैमाने का प्रोजेक्ट है।

राजनीतिक विश्लेषकों का नजरिया: लाइमलाइट में रहने का हुनर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेज प्रताप यादव हमेशा से ही मीडिया और जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने में माहिर रहे हैं। चाहे कृष्ण अवतार में बांसुरी बजाना हो, साइकिल यात्राएं निकालना हो या फिर अभिनय के क्षेत्र में हाथ आजमाना हो—वे अपने हर रूप से सुर्खियों में बने रहते हैं। राजनीतिक रूप से शांत दौर में इस तरह का कदम उन्हें लगातार सार्वजनिक चर्चाओं में बनाए रखता है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • नेता का नया रूप: जनशक्ति जनता दल अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की सिल्वर स्क्रीन पर एंट्री।
  • स्टार कास्ट: बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के साथ शूटिंग का वीडियो वायरल।
  • बड़ा दावा: देश और एशिया के स्तर पर कुछ बड़ा और नया लाने का दावा।
  • सस्पेंस बरकरार: प्रोजेक्ट फिल्म है या म्यूजिक एल्बम, इसका खुलासा होना बाकी।

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31 दिसम्‍बर 2028 तक भव्य मंदिर में विराजमान होंगी मां जानकी! पुनौराधाम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, चमकेगी माता सीता की जन्मस्थली

सीतामढ़ी/पटना | 08 अगस्‍त2026 | बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के सबसे बड़े केंद्र सीतामढ़ी स्थित पुनौराधाम को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने माता जानकी की पावन जन्मस्थली पुनौराधाम मंदिर पहुंचकर विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 31 दिसम्‍बर  2028 तक भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और मां जानकी को नए भव्य मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा।

नवनिर्मित काष्ठ मंडपम में श्रीराम-सीता की प्रतिमाएं स्थापित

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पुनौराधाम मंदिर परिसर में बने नवनिर्मित अस्थायी काष्ठ मंडपम में भगवान श्रीराम और माता सीता की प्रतिमाओं को पूरे आदर और सम्मान के साथ स्थापित किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में निर्माणाधीन भव्य माता सीता मंदिर के कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।

पुनौराधाम मंदिर परिसर में भगवान श्रीराम एवं माता सीता की प्रतिमाओं को नवनिर्मित अस्थायी काष्ठ मंडपम में स्थापित करने ले जाते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रस्तावित मां जानकी मंदिर के 3D मॉडल (थ्री-डी मॉडल) और नक्शे के माध्यम से पूरे मास्टर प्लान की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में विशाल परकोटा, यज्ञ मंडप, अनुष्ठान मंडप, पीठाधीश्वर निवास, म्यूजियम (संग्रहालय), ऑडिटोरियम और स्थानीय महिलाओं के लिए विशेष ‘महिला हाट’ का निर्माण कराया जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि पुनौराधाम राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इस पावन धाम का समग्र विकास होने से न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि बिहार में धार्मिक और आध्यात्मिक टूरिज्म (पर्यटन) को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर खुलेंगे।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर प्रांगण में लगी वज्जिका कला और सिक्की कला पर आधारित विशेष शिल्प प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने बिहार की लोक कला और हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा की सराहना की तथा स्थानीय कलाकारों से उनकी कलाकृतियों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।

भव्य स्वागत और अभिवादन

पुनौराधाम पहुंचने पर मंदिर प्रबंधन की ओर से मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर सभी का आभार जताया।

ये सभी गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रशासनिक और राजनीतिक जगत के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें शामिल थे:

  • केंद्रीय मंत्री: राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह (मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज)
  • राज्य सरकार के मंत्री: श्रेयसी सिंह (उद्योग एवं खेल तथा सीतामढ़ी जिला प्रभारी मंत्री), नन्द किशोर राम (डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री), केदार प्रसाद गुप्ता (पर्यटन मंत्री), श्वेता गुप्ता (समाज कल्याण मंत्री)।
  • सांसद एवं विधायक: सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, विधायक बैद्यनाथ प्रसाद, गायत्री देवी, सुनील कुमार पिंटू, पंकज कुमार मिश्रा, प्रोफेसर नागेंद्र राउत, अनिल कुमार, रामेश्वर कुमार महतो, अमित कुमार।
  • वरिष्ठ अधिकारी: दीपक कुमार (प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री), प्रत्यय अमृत (मुख्य सचिव, बिहार), विनय कुमार (पुलिस महानिदेशक), लोकेश कुमार सिंह (सचिव, मुख्यमंत्री), गिरिवर दयाल सिंह (आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल), चंदन कुशवाहा (पुलिस उप-महानिरीक्षक, तिरहुत प्रक्षेत्र), रिचि पाण्डेय (जिलाधिकारी, सीतामढ़ी), अमित रंजन (पुलिस अधीक्षक, सीतामढ़ी) सहित मंदिर प्रबंधन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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15 वर्षों से एक ही पंचायत में जमे किसान सलाहकारों के तबादले की तैयारी, मुजफ्फरपुर में फर्जी खाद दुकानदारों के रद्द होंगे लाइसेंस

मुजफ्फरपुर। जिले में पिछले 15 वर्षों से एक ही पंचायत में कार्यरत किसान सलाहकारों के स्थानांतरण (तबादले) की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। शनिवार को समाहर्नालय सभा कक्ष में खरीफ 2026 के लिए आयोजित जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में कांटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजीत कुमार ने पंचायत स्तर पर कार्यरत किसान सलाहकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि किसान सलाहकार पिछले 15 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं और स्थानीय होने के कारण उनके कार्य की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कुमार गौरव ने जिला कृषि पदाधिकारी को राज्य विभाग से परामर्श प्राप्त कर इनके तबादले की कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फर्जी और अक्रियाशील उर्वरक विक्रेताओं पर गिरेगी गाज, लाइसेंस होंगे रद्द

बैठक के दौरान कांटी विधायक अजीत कुमार ने जिले में पंजीकृत 1466 खुदरा उर्वरक विक्रेताओं की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इनमें से कई दुकानें अक्रियाशील हैं और कागजों पर फर्जी तरीके से चल रही हैं। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को सघन जांच कर सभी अक्रियाशील और फर्जी विक्रेताओं के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया।

मुजफ्फरपुर समाहर्नालय सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में मंचासीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी, जिलाधिकारी कुमार गौरव एवं अन्य प्रशासनिक व कृषि अधिकारी।

थोक विक्रेताओं की जांच के लिए स्पेशल टीम गठित

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं की सघन जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों की एक संयुक्त टीम बनाई जाए। यह टीम थोक दुकानों की जांच कर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

किसानों को तय कीमत पर मिलेगी खाद, भाड़े की होगी व्यवस्था

किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए विक्रेताओं के प्रतिष्ठान तक भाड़ा सहित खाद पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। इससे किसान तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उचित मूल्य पर खाद पहुंच सकेगी।

किसानों के लिए हेल्पलाइन और त्वरित निष्पादन टीम का गठन

खाद से जुड़ी समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन डेस्क एवं त्वरित निष्पादन टीम बनाई गई है:

  • हेल्पलाइन डेस्क संपर्क सूत्र:
    • राजेश कुमार, सहायक निदेशक (सांख्यिकी) – मोबाइल: 9631584961
    • कृष्णा आनंद, लिपिक, जिला कृषि कार्यालय – मोबाइल: 8521970616
  • त्वरित निष्पादन टीम संपर्क सूत्र:
    • सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 7991161174
    • सहायक निदेशक, रसायन एवं मिट्टी जांच प्रयोगशाला, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 9911496439
    • सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण, मुजफ्फरपुर – मोबाइल: 9810016697

बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि व अधिकारी

इस बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री राज भूषण चौधरी, बरूराज विधायक अरुण कुमार सिंह, बोचहां विधायिका बेबी कुमारी, मुजफ्फरपुर विधायक रंजन कुमार, कांटी विधायक अजीत कुमार, मीनापुर विधायक अजय कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (पूर्वी एवं पश्चिमी) और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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